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Showing posts from March, 2020

Disaster Management Long Ans Type Questions

Disaster Management Long Ans Type Questions 1. बाढ़ से होनेवाली हानियों की चर्चा करें। उत्तर- बाढ़ से होनेवाली हानियों में शामिल हैं। (i) अपार धन-जन की हानि, (ii) फसलों की बर्बादी, (iii) महामारी फैलना, (iv) परिवहन व्यवस्था का ठप पड़ जाना, (v) वनस्पति एवं जीव-जन्तुओं की क्षति 2. बाढ़ से बचाव के सुझावों को लिखें। उत्तर- (i) हाथों से स्ट्रैचर बनाना— इसे दो व्यक्ति एक-दूसरे की कलाई पकड़कर अस्थायी स्ट्रैचर बना लेते हैं। (ii) ऊपरी कपड़ों द्वारा स्ट्रैचर बनाना—कमीज आदि का प्रयोग कर कपड़ों के दोनों तरफ डंडे डाल कर स्ट्रैचर बनाकर घायल व्यक्ति को उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है। (iii) तैरने के लिए पीपों का प्रयोग किया जाता है। (iv) ट्यूब में हवा भरकर भी तैरने के लिए प्रयोग होता है। (v) केले के पेड़ के तनों का प्रयोग भी बचाव के लिए किया जाता है। 3. भूकंप क्या है? इसके बचाव के किन्हीं दो उपायों का उल्लेख करे l उत्तर—जब किसी बाहरी या आंतरिक कारणों से पृथ्वी के भूपटल में कंपन उत्पन्न होता है, तो उसे भूकंप कहते हैं। इसके बचाव के निम्न उपाय हैं - (i...

Disaster Management Most V.V.I Short Ans Type Questions

Disaster Management Most V.V.I Short Ans Type Questions 1. आपदा से आप क्या समझते हैं ? उत्तर- कुछ दुर्घटनाएँ ऐसी होती है जो बिना बुलाए अकस्मात आ धमकती है और अल्प समय में ही जन धन की अपार क्षति पहुँचा देती है। ये हमें संकट की स्थिति में ला देती है। संकट की स्थिति उत्पन्न करनेवाली ऐसी कोई भयावह घटना 'आपदा' कहलाती है। दूसरे शब्दों में, हमारे सामाजिक आर्थिक जीवन को भारी खतरे में डालनेवाली अकस्मात घटना आपदा (disaster) है। 2. आपदा प्रबंधन क्या है ? उत्तर- आपदाएँ चाहे जिस प्रकार की हों, इनसे धन-जन एवं संसाधनों की अपार क्षति होती है। इस संभावित अपार क्षति को कम करने का उपाय ही आपदा प्रबंधन कहलाता है। 3. आपदा प्रबंधन के उद्देश्यों की विवेचना करें। उत्तर- आपदा कोई भी हो उसका प्रबंधन अनिवार्य है। आपदा से न केवल विकास कार्य अवरुद्ध होते हैं बल्कि विकास कार्यों में कई व्यवधान उपस्थित होते हैं। कोई भी प्रबंधन कार्य तब तक सफल नहीं हो सकता है जब तक उसमें आमलोगों की सहभागिता नहीं होती है। आमलोगों की सहभागिता तथा पंचायत की मदद से ठोस प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं और वे निर्...

Polytical Science Most V.V.I Short Ans Type questions

Polytical Science Most V.V.I Short Ans Type questions 1. लोकतंत्र में द्वंद्व से आप क्या समझते हैं ? उत्तर- लोकतंत्र सैद्धांतिक रूप से समानता पर आधृत शासन-प्रणाली है। परंतु, विभिन्न लोकतांत्रिक पद्धतियों में विरोधाभास के कई उदाहरण मिलते हैं अर्थात् इसके ठीक विपरीत स्थिति होती है। इसे ही लोकतंत्र में द्वंद्व कहा गया है। अमेरिका में व्याप्त रंगभेद इसका उदाहरण है। 2. सामाजिक विभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है। उदाहरण के साथ स्पष्ट करें। उत्तर :- लोकतंत्र में कोई भी सरकार जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों में शासित होती है। ये जनप्रतिनिधियों से शासित होती है। ये जन प्रतिनिधि किसी राजनीतिक पार्टी के सदस्य होते हैं। प्रत्येक राजनीतिक पार्टी का अपना इतिहास होता है। इनकी अपनी निश्चित राजनीतिक विचारधारा और नीतियाँ होती है। इसी आधार पर जनता इनका समर्थन करती है। चुनाव के समय राजनीतिक दल अपना प्रत्याशी खड़ा करते हैं। चयनित उम्मीदवार बहुमत हासिल कर सरकार बनाते हैं जो दल बहुमत प्राप्त नहीं कर पाते वे विपक्ष की भूमिका निभाते हैं। वे सदन के अंदर और बाहर जनता की समस्याओं को उठाते ...

Economics V.V.I Long Ans Type questions

Economics V.V.I Long Ans Type questions 1. अर्थव्यवस्था की संरचना से आप क्या समझते हैं? इन्हें कितने भागों में बाँटा गया है ? उत्तर :- अर्थव्यवस्थाओं का व्यवसाय अथवा आर्थिक क्रियाओं के आधार पर अर्थव्यवस्था की संरचना की जाती है। अर्थव्यवस्था के अंतर्गत कई सारगर्भित तथ्य जैसे—उत्पादन, उपभोग, विनिमय आदि आते हैं। इनमें कई गतिविधियाँ संचालित होती हैं जिसमें बीमा, बैंक, व्यापार, कृषि, संचार आदि उल्लेखनीय हैं। इन क्रियाओं के आधार पर अर्थव्यवस्था को प्रमुख तीन भागों में विभाजित किया गया है। (i) प्राथमिक क्षेत्र— प्राथमिक क्षेत्र में कृषि, उद्योग या व्यवसाय सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है। इसलिए इस क्षेत्र को कृषि क्षेत्र भी कहा जाता है। आर्थिक विकास के प्रारंभिक काल में कृषि पर विशेष बल दिया गया, क्योंकि इसमें कम पूँजी की आवश्यकता होती थी। वर्तमान समय में भी कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है। यह क्षेत्र उद्योगों को कई मूलभूत सुविधाएँ प्रदान करता है। कृषि के अलावे पशुधन, वन, मत्स्यपालन आदि संबंधित तथ्य आते हैं। (ii) द्वितीयक क्षेत्र-द्वितीयक क्षेत्र के अंतर्गत...

Economics Short Ans Type questions

Economics Short Ans Type questions 1. मिश्रित अर्थव्यवस्था क्या है ? उत्तर :- मिश्रित अर्थव्यवस्था पूँजीवाद एवं समाजवाद इन दोनों अर्थव्यवस्था के बीच का मार्ग है। इस प्रकार की अर्थव्यवस्था निजी उद्यम तथा सरकार दोनों के द्वारा संचालित होती है। इसके अंतर्गत अर्थव्यवस्था के कुछ महत्त्वपूर्ण क्षेत्र सरकार के अधीन होते हैं तथा शेष निजी उद्यम के हाथ में क्षेत्र दिए जाते हैं। इस व्यवस्था को हम पूँजीवाद एवं समाजवाद के बीच का स्वर्णिम मार्ग कह सकते हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित अर्थव्यवस्था का उदाहरण है। 2. अर्थशास्त्र में उत्पादन के कौन-कौन साधन हैं? उदाहरण दें। उत्तर :- उत्पादन के निम्नलिखित पाँच साधन हैं - (i) भूमि, (ii) श्रम, (iii) पूजी, (iv) संगठन, (v) साहस । 3. अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं ? उत्तर :- अर्थव्यवस्था एक ऐसा तंत्र या संरचना है जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार की आर्थिक क्रियाएँ संपादित की जाती हैं जैसे—कृषि, उद्योग, व्यापार इत्यादि l 4. आर्थिक विकास का क्या अर्थ है ? उत्तर- 'आर्थिक विकास' दो शब्दों से बना है—आर्थिक तथा विकास। इसके अंतर्गत सभी मानवीय, पूँजीगत तथ...

Geography Long Ans Type questions

Geography Long Ans Type questions 1. संसाधन से क्या समझते हैं ? उदाहरण देकर स्पष्ट करें। उत्तर :- वातावरण में पाये जाने वाले वे सभी पदार्थ जो हमें उपलब्ध है और जो हमारे जीवन की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरी करे संसाधन कहलाते हैं। परंत वे संसाधन तभी कहे जायेंगे जब हमें उन तक पहुँचने की तकनीक की जानकारी हो साथ ही उनके प्राप्त करने, उपयोग करने पर होने वाले खर्च वहन करने की क्षमता हो, श्रम शक्ति हो। परंतु इसके उपयोग में व्यापक समझ और सूझबूझ की आवश्यकता होती है जिससे वातावरण प्रभावित न हो और प्रकृति के साथ सामंजस्य बना रहे तभी प्रकृति के सभी पदार्थ संसाधन कहे जाते हैं। उदाहरणस्वरूप छोटानागपुर पठार के खनिज भंडार का युगों तक कोई महत्त्व न था। अतः वे खनिज पदार्थ संसाधन न बन सके। परंतु जब खनिजों का महत्त्व समझा जाने लगा और लोगों ने अपनी कुशलता का प्रदर्शन कर उनको निकालना आरंभ किया तथा उपयोग में लाया गया तो वे खनिज पदार्थ खनिज संसाधन बन गये। जिसने छोटानागपुर क्षेत्र की आर्थिक विकास का अवसर प्रदान किया। 2. 'संसाधन हुआ नहीं करते, बना करते हैं। इस कथन की व्याख्या करें। उत्तर :- संसार म...

Geography Short Ans Type Questions

Geography Short Ans Type Questions 1. जल संसाधन के क्या उपयोग हैं ? उत्तर - जल एक बहुमूल्य संसाधन है, जिसका उपयोग मानव प्राचीन समय से ही करता आ रहा है। प्राचीन काल से ही मानव द्वारा पेयजल, घरेलू कार्य, सिंचाई, मल-मूत्र विसर्जन आदि कार्यों में जल का उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान समय में जल का सर्वाधिक उपयोग सिंचाई, विद्युत उत्पादन एवं उद्योगों में किया जा रहा है। 2. खनिजों के आर्थिक महत्त्व का वर्णन करें। उत्तर-खनिज एक प्राकृतिक रूप से विद्यमान समरूप तत्त्व है, जिसकी एक निश्चित आंतरिक संरचना है। हमारे जीवन में खनिजों का विशेष आर्थिक महत्त्व है। औद्योगिक उत्पादन के लिए खनिज एक आधारभूत जरूरत होती है। इसके अभाव में न तो किसी उद्योग एवं न किसी राष्ट्र के विकास की कल्पना की जा सकती है। 3. पेट्रोलियम से किन-किन वस्तुओं का निर्माण होता है ? उत्तर- पेट्रोलियम एक शक्ति संसाधन है, जिसका हमारे जीवन में बहुत अधिक महत्त्व है। इसका मुख्य उपयोग यातायात के साधनों में ईंधन के रूप में है। इसके अलावा औद्योगिक मशीनों में स्नेहक के रूप में होता है। पेट्रोलियम का उपयोग संश्लेषित वस्त्र, उर्वरक, ...

Histry Long Ans Type Questions

Histry Long Ans Type Questions 1. राष्ट्रवाद के उदय के कारणों एवं प्रभाव की चर्चा करें। उत्तर :- *कारण:- यूरोप में राष्ट्रीयता की भावना को 1789 की फ्रांसीसी क्रांति तथा नेपोलियन की विजयों ने बढ़ावा दिया। फ्रांसीसी क्रांति ने कुलीन वर्ग के हाथों से राजनीति को सर्वसाधारण एवं मध्यमवर्ग तक पहुँचा दिया। नेपोलियन ने विजित राज्यों में राष्ट्रवादी भावना जागृत कर दी। साथ ही नेपोलियन के युद्धों और विजयों से अनेक राष्ट्रों में फ्रांसीसी आधिपत्य के विरुद्ध आक्रोश पनपा, जिससे राष्ट्रवाद का विकास हुआ। *प्रभाव :- 18वीं एवं 19वीं शताब्दियों में यूरोप में जिस राष्ट्रवाद की लहर चली, उसके व्यापक और दूरगामी प्रभाव यूरोप और विश्व पर पड़े जो निम्नलिखित थे— (i) राष्ट्रीयता की भावना से प्रेरित होकर अनेक राष्ट्रों में क्रांतियाँ और आंदोलन हुए। इनके फलस्वरूप अनेक नए राष्ट्रों का उदय हुआ, जैसे इटली और जर्मनी के एकीकृत राष्ट्र। (ii) यूरोपीय राष्ट्रवाद के विकास का प्रभाव एशिया और अफ्रीका में भी पड़ा। यूरोपीय उपनिवेशों के आधिपत्य के विरुद्ध वहाँ भी औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए राष्ट्रीय आंदोलन आरंभ ...